कहानी

एगो लिइका रहे ओकरे लगे एगो बकरी के बच्चा रहे उ ओसे बहुते प्रेम करत रहे एक दिन उ ओके लेके घुमे गईल रास्ता में रेल के पटरी पड़ल उ उह्हा देखलस की पटरी टूट गईल बा ऊरी साम्हने से ट्रेन आवत बा उ सोचे लागल की हम ऐसन का करी जेसे की इ ट्रेन रुक जाये तबे ओके यद् आइल की लाल कपड़ा देख के खतरा समझ के ट्रेन रुक जाई लेकिन ओकरे लगे सफेद कपड़ा रहल l बहुते सोचले के बाद में उ इ तये क ईलस की उ अपनी बकरी के बच्चा के मार के ओकरी खून से सफेद कपड़ा के रंग के लाल बनाई उ बकरी के बच्चा से बहुते प्रेम करत रहे ओके मारल नहीं चाहत रहे लेकिन उ मर के कपड़ा रंग के ट्रेन के रोक दिहलस उ अईसन एहिसे कईलस की ट्रेन में बईठे वाला लोग के जन बची जाये बाद में उ खूब रोईलास l

प्रिय, मित्र लोगन पिता परमेश्वर भी अपने एकलोटा पुत्र के हमनी खातिर येही से दे दिहने ताकि हमनी के अपने पाप से उद्धार पाईके  उ क्रूस पर हमनी खातिर आपन प्राण के दे दिहने परमेश्वर आपने पुत्र से बहुते प्रेम करत रहने तबो हमनी खातिर अपने पुत्र के दे दिहने यीशु हमनी के उद्धार के रास्ता हाउवे जे केहू उनका पर विश्वाश करी उ उद्धार पाई प्रभु रउरा सब लोगन के आशीष देवे 

Your encouragement is valuable to us

Your stories help make websites like this possible.